शुद्धता

प्रेरणा एक बार स्वामी विवेकानंद अमेरीका की यात्रा से स्वदेश लौट रहे थे। उनके प्रशंसक बंदरगाह पर उनका इंतजार कर रहे थे। जैसे ही स्वामी जी बंदरगाह पर उतरे तो उतरते ही वे रज में लोटने लगे। उनके प्रशंसकों ने उन्हें मिट्टी में इस प्रकार लोटते हुए देखा तो वे हैरान रह... [पूरी पोस्ट]
writer दिनेश शर्मा

प्रेरणा

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[24 Feb 2010 11:38 AM]

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