कभी पूरी नींद तक भी न सोने वाली औरतो !
औरतों के नाम कविता वाचक्नवी कभी पूरी नींद तक भी
न सोने वाली औरतो !
मेरे पास आओ,
दर्पण है मेरे पास
जो दिखाता है
कि अक्सर फिर भी
औरतों की आँखें
खूबसूरत होती क्यों हैं,
चीखों-चिल्लाहटों भरे
बंद मुँह भी
कैसे मुस्कुरा लेते हैं इतना, और, आप !
जरा गौर से...
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कविता वाचक्नवी Kavita Vachaknavee
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[08 Mar 2010 06:21 AM]



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