जो प्रेम की हो ली, वो है होली
रुकिये.....इतना बडा आलेख देख कर भागिये मत। सच पूछिये तो आनंद आयेगा। होली के पर्व पर इस तरह के आनंद को पाने की भी चेष्ठा होती है, तभी आप मेरे ब्लोग पर आये हैं। पूरा पढने का साहस करें, पसन्द आयेगा। तब तक मैं आपके और अन्य ब्लोग से होकर आता हूं। -आनंद में...
[पूरी पोस्ट]
अमिताभ श्रीवास्तव
होली एक सभ्यता
4
0
0
0
0
[27 Feb 2010 08:25 AM]



Shuffle








