छोटे-छोटे ईसा
जसबीर ढंड“शिंदर, तू कल क्यों नहीं आई?”“जी, कल मेरी माँ बहुत बीमार थी।”“क्यों क्या हुआ तेरी माँ को?”“जी, उसकी न बगल के नीचे की नस भरती है। कल मानसा दिखाने जाना था।”“दिखा आए फिर?”“नहीं जी।”“क्यों?”“जी, कल पैसे नहीं मिले।”“फिर?”“जी, आज लेकर जाएगा मेरा...
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दीपशिखा
जसबीर ढंड
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[14 Feb 2010 21:10 PM]



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