पांच होली गीत

बाल-संसार गिरीश पंकज (1)कितनी प्यारी होली है।मीठी -मीठी बोली है।तरह-तरह के रंग मिले,भर गई अपनी झोली है।। (2)कोई मेरे पास तो आओ।अरे मुझे भी रंग लगाओ।छोटा बच्चा समझ लिया है?मुझको ऐसे मत बहलाओ।।(3)डैडी इक पिचकारी लाओ,मम्मी जी पर डालो रंग।ये करना है, वो करना है,कर... [पूरी पोस्ट]
writer किरण गुप्ता

शिशु गीत

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[27 Feb 2010 22:37 PM]

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