ये कैसा खुशियों का त्योहार है माँ----------------मिथिलेश दुबे
माँ आज तेरी याद बहुत आ रही है...हाँ पता है कि कोई त्योहार है आज....लेकिन माँ मुझे कोई नहीं कह रहा........कि तुम अच्छे और नयें कपड़े पहन........ही निकलना घर से,माँ तू तो जानती है ना कि........ज्यादा भिगने से मेरी तबियत खराब हो जाया करती...........लेकिन...
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Mithilesh dubey
दुबे माँ कविता
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[28 Feb 2010 05:19 AM]



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