आ चले कहीं दूर इन सब रिश्तो से अलग---------------मिथिलेश दुबे

Dubey ...आ चले कही दूर....इन सब रिश्तो से अलग.......एक नया रिश्ता बनाये...दूरियां गुम हो जाये...सारे बंधन तोड़ हम एक हो जाये.....आ सनम चल मेरे संग....इन सब मौसमो से अलग....एक नया मौसम लाये....मोहब्बत की बारिस में बस भीगते जाये....रास्तो पर संग फिसलते जाये....आ... [पूरी पोस्ट]
writer Mithilesh dubey

कविता प्यार दुबे

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[02 Mar 2010 10:15 AM]

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