संस्‍मरण – चुड़ैल समझकर लड़के डर गए

Dr. Smt. ajit gupta रात गहराती जा रही थी। सड़क कब से सुनसान पड़ी थी। एक पीपल का पेड़ था जो बड़े से एक चबूतरे से मढ़ा था। उस चबूतरे पर हम तीन महिलाएं, अपनी ही दुनिया में मस्‍त बस हँसती जा रही थीं। ऐसा लग रहा था जैसे यह हँसी आज ही परवान चढ़ जाएगी। एक महिला कुछ बात कहती और शेष दो... [पूरी पोस्ट]
writer Dr. Smt. ajit gupta

संस्‍मरण

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[08 Mar 2010 00:40 AM]

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