इतनी बड़ी उम्र की मैडम से प्रेम ..वह भी मिस वेलेंटाईन
वेलेंटाइन डे का नाम जब पहली बार सुना तब हम गधा पचीसी की उम्र पार कर चुके थे और बाकायदा इष्ट मित्रों और सम्बन्धियों की उपस्थिति में दोपाये से चौपाये बन चुके थे । दाँपत्य जीवन में प्रेम ,भोजन में रोटी की तरह शामिल था और ज़िन्दगी का मज़ा आने लगा था ।...
[पूरी पोस्ट]
शरद कोकास
किस्सा
10
0
0
0
0
[13 Feb 2010 13:22 PM]



Shuffle








