अमीबा की तरह वह अपने घर से अलग हुई

कवि कोकास                        अपने घर से बाहर निकलकर किसी अनजान शहर में नौकरी करने के लिये जाना एक अकेली लड़की के लिये कितना कठिन काम है इस बात का अन्दाज़ लगाना उन... [पूरी पोस्ट]
writer शरद कोकास

कविता

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[07 Mar 2010 07:44 AM]

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