७ फ़रवरी को आयोजित दिल्ली ब्लॉगर्स सम्मेलन में मेरे पहुँचने की कहानी सुनिए मेरे ज़ुबानी

मुस्कुराते पल-कुछ सच कुछ सपने दिल्ली ब्लॉगर्स सम्मेलन,सुनते ही उछलने लगा मन,जैसे ही हमने सुबह छोड़ी चारपाई,अविनाश चाचा जी को फ़ोन मिलायी,पर ये क्या उधर से, नॉट रिचेबल की मधुर आवाज़ आई,दूसरी बार फिर मैने घंटी मारी,उस वक्त इन्होनें ने कोई रेस्पॉन्स नही दिया,बाद में उल्टा १ रूपिया काल... [पूरी पोस्ट]
writer विनोद कुमार पांडेय
views
6
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[10 Feb 2010 12:15 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix