जमाने के कुछ रंग,होली के संग...बुरा न मानों होली हैं.(विनोद कुमार पांडेय)

मुस्कुराते पल-कुछ सच कुछ सपने आप सभी भाइयों,बहनों और माता जी लोगों को होली की हार्दिक शुभकामना..प्रस्तुत है होली के संदेश के साथ साथ भोजपुरी में एक गुदगुदाती हुई रचना .रंग लगायअ,भंग जमायअ,गुझिया,पापड़ जम के खायअ,होली क मस्ती हौ छाईल,नाचअ,गायअ,धूम मचायअ,कारोबार क चिंता छोड़अ,मनवा के... [पूरी पोस्ट]
writer विनोद कुमार पांडेय
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[25 Feb 2010 12:45 PM]

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