क्या इतने सारे इत्तेफाक होना भी एक इत्तेफाक है ?
यह भी एक इत्तेफाक है की बहुत पहले , शायद तब हम नए नए डॉक्टर बने थे , हमने स्वर्गीय काका हाथरसी को सुना और उनकी हास्य कविताओं के दीवाने हो गए ।बरसों बाद २००७ में दिल्ली हंसोड़ दंगल में कविराज अशोक चक्रधर का सामना हुआ, ज़ज़ के रूप में । इत्तेफाक।फिर २००८...
[पूरी पोस्ट]
डॉ टी एस दराल
अविनाश वाचस्पति
4
0
0
0
0
[10 Feb 2010 05:30 AM]



Shuffle








