जाने कहाँ खो गई खुशबू गुलाबों की ---
आज सारा देश लुप्त होते जा रहे बाघों के लिए चिंतित है। होना भी चाहिए । आखिर वन्य जीवन हमारी धरोहर है।लेकिन हम इसे अपने ही हाथों नष्ट किये जा रहे हैं। इंसान की लालच की प्रवर्ति इतनी बढ़ गई है की वह इस बेशकीमती खजाने को मिटाने पर तुला है।अब ज़रा इस तस्वीर...
[पूरी पोस्ट]
डॉ टी एस दराल
गुलाब
4
0
0
0
0
[26 Feb 2010 05:30 AM]



Shuffle








