हमारी हिंदी
हमारी हिंदीहमने जब से हिंदी को, हमारा बना दियाहिंदी को धारा का एक, किनारा बना दियादुनिया सिमट रही है, एक गॉव की तरहहिंदी को भावों का, एक ईशारा बना दिया।बस ऐसे ही चलती है हिंदी, कभी हिंदी चित्रपट पर, कभी दूरदर्शन के चैनलों पर, कभी गीतों-गज़लों में, कभी...
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धीरेन्द्र सिंह
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[16 Feb 2010 08:12 AM]



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