यही तो होली की मस्ती है

gazal k bahane   देखूं तुमको भांग जो पीकेअबीर गुलाल लगें सब फ़ीकेमोतियाबिन्दी नयनो  में काजल ्नित करता मुझको है पागलअदन्त मुंह और हंसी तुम्हारीइसमे दिखता ब्रह्माण्ड है प्यारीतेरा मेरी प्यार है जारी  जलती हमसे दुनिया सारीक्या समझे ये दुध-मुहें बच्चेकैसे... [पूरी पोस्ट]
writer श्याम सखा 'श्याम'
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[26 Feb 2010 22:35 PM]

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