टूटे टुकड़े
१) सुनो कुछ ख्वाब बोये थे तुम्हारे साथ जीने के बंजर ज़मीन में२) वेदनाओं के ताबूत में आखिरी कील जो लगायी तुमने रूह को सुकून आ गया ३) तेरी चाहत की बैसाखियों ने अपाहिज बनाया मुझे बस लाश बनना बाकी है४) कैसे समेटेगा इन बिखरे टुकड़ों को जिन्हें कभी तू ने ही...
[पूरी पोस्ट]
वन्दना
6
1
0
1
25
[07 Mar 2010 09:56 AM]



Shuffle








