बाई का बजट

कठपुतली श्यामा , आज जल्दी आ गई , सुबह की चाय बनाती जा रही थी और कह रही थी बाई सा !! आज सरकार बजट दे रही है , क्या पता , क्या निकालेगी ? क्यों , तुम इतनी चिंतित क्यों हो रही हो ? बाई सा !! चिंतित क्यों न होऊं ? पिछले बरस सरकार ने कहा था - हर आदमी को कपड़ा ,... [पूरी पोस्ट]
writer Renu Sharma
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[05 Mar 2010 09:09 AM]

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