टुकड़े टुकड़े अहसास: बस यूँ ही, नहीं कुछ खास!!

संदेशा -१-अश्क उनकी आखों के करीब होते है ,रिश्ते र्दद के जिनको नसीब होते है!दौलत दिल की जिसने लुटाई हो ,कोन कहता है वो गरीब होता है॥ -२-अपने दामन मे भी कुछ अश्क बचा कर रखोजाने कोन कब मोहब्बत की निशानी मागें।-३- जिन्दगी से यूँ चले है इल्जाम लेकरबहुत जी चुके हम... [पूरी पोस्ट]
writer संजय तिवारी ’संजू’
views
8
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[11 Feb 2010 07:41 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix