गम नहीं वहाँ
गम नही वहाँ जहाँ हो अफसाना आपकाखुशियाँ वहाँ ढूंढती है हर पल आशियाना आपकाआप उदास न होना कभी क्योकि ,बहुत अच्छा लगता है हमें मुस्कराना आपका एक लहर को प्यार था किनारे से ,पर उसकी शादी हो गयी सागर सेकिनारे की प्रीत लहर को खिंच लाती है ,पर बदनाम न हो मोहब्बत...
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संजय तिवारी ’संजू’
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[19 Feb 2010 08:15 AM]



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