जैन-धर्म का सार भी निकले :: सन्त विनोबाजी

"जैन धर्म ग्रन्थ" एक अहम दस्तेवाज के रूप में अकिंत हो चुका है.जैन-धर्म-सार ग्रन्थ के आरम्भ में सन्त विनोबाजी ने अपने निवेदन में कहा है कि सर्व-धर्म-समन्वय और दिलों को जोड़ने की दृष्टि से उन्होंने धम्मपद नवसंहिता तैयार की, ऋग्वेद-सार, मनु-शासनम्,... [पूरी पोस्ट]
writer HEY PRABHU YEH TERA PATH

जैन धर्म सार विनोबा

views
14
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[21 Feb 2010 02:14 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix