जैन:प्राचीन इतिहास-21

गातांक से आगे....जैन संघ में उत्तरकालीन पंथभेद -जैन संघ में जो भेदोपभेद, सम्प्रदाय व गण गच्छादि रूप से, समय समय पर उत्पन्न हुए, उनका कुछ वर्णन ऊपर किया जा चुका है। किन्तु उनसे जैन मान्यताओं व मुनि आचार में कोई विशेष परिवर्त्तन हुए हों, ऐसा प्रतीत नहीं... [पूरी पोस्ट]
writer HEY PRABHU YEH TERA PATH
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[27 Feb 2010 19:47 PM]

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