महिला दिवस : मै सबको सलाम नहीं करूगा
बेशक औरत भी ऊपर वाले की उतनी ही हसीन रचना है जितना की एक आदमी लेकिन वो कहते है न की पांचो उंगलिया एक सी नहीं होती इसी तरह से कुछ औरते अच्छी होती है तो कुछ बुरी यहाँ मै एक बात साफ़ कर देना चाहता हूँ की "बुरी औरत" इस शब्द को सुन के लोगो के दिमाग में जो सबसे...
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Rahul kundra
समाज व राजनीती
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[08 Mar 2010 01:17 AM]



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