नवगीत: फगुनौटी त्यौहार. --संजीव 'सलिल'

संजीव  सलिल  की  रचनाएँ नवगीत:संजीव 'सलिल' फागुन फगुनाई फगुनाहटफगुनौटी त्यौहार.रश्मिरथी हो विनत कर रहा वसुधा की मनुहार.....*किरण-करों से कर आलिंगित पोर-पोर ले चूम. बौर खिलें तब आम्र-कुञ्ज में विहँसे भू मासूम.चंचल बरसाती सलिला भी हुई सलज्जा नार.कुलाचार तट-बंधन में बंधचली पिया के... [पूरी पोस्ट]
writer आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल'

samyik hindi kavita

views
5
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[14 Feb 2010 00:52 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix