नवगीत: रंगों का नव पर्व बसंती ---संजीव सलिल

संजीव  सलिल  की  रचनाएँ रंगों का नव पर्व बसंतीरंगों का नव पर्व बसंतीसतरंगा आयासद्भावों के जंगल गायबपर्वत पछतायाआशा पंछी को खोजे सेठौर नहीं मिलती.महानगर में शिव-पूजन कोबौर नहीं मिलती.चकित अपर्णा देख, अपर्णाहै भू की काया.सद्भावों के जंगल गायबपर्वत पछतायाकागा-कोयल का अंतर अबजाने... [पूरी पोस्ट]
writer आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल'

samyik hindi kavita

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[24 Feb 2010 13:13 PM]

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