सच को बदलने का सपना
जब फूलों को खिलते देखा....तो मैंने एक ख्वाब लिखा झरने को नदी में ..नदी को सागर में गिरते देखा...तो मैंने एक ख्वाब लिखा पतली सी सफ़ेद लकीर को पूरा होकर चंद बनते देखा ...तो मैंने एक ख्वाब लिखा हवा को जब महसूस किया मुझे छु कर गुजरते हुए ...तो मैंने एक ख्वाब...
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himani
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[02 Mar 2010 08:15 AM]



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