रात सो गई मीठी होके
१. रात बिकी है इतनी जल्दी,सुबह, धूप की बाज़ार लगी है. औने पौने भाव तो लेलो, सूरज की दुकान सजी है.२.रात बावली, कालीकरवट करवट डांटेमुझे भोर तक सोने न देघर घर निन्दियां बांटे३.ओ मेरी प्यारी रतियामान ले मेरी बतियाफूंक फूंक के तुझे बुझाऊंजलती तू सारी...
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ritu raj
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[23 Feb 2010 13:43 PM]



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