...आपके लिये
टीवी पत्रकार राकेश पाठक ने आपके लिए दो कविताएं लिखी हैं। जिसे उनके ब्लॉग -इस मोड़ पर- से लिया गया हैः संजीव1.चिंगारियां पानी से नहीं बुझतींन कभी थकती हैं...चिंगारियां मन में दबी हों...तो मन भी नहीं थकता चिंगारियां गुंजाइश रखती हैंहर दौर में खुद के आजमाइश...
[पूरी पोस्ट]
संजीव
साभार
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[04 Mar 2010 03:27 AM]



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