एक यादगार सूफियाना मुशायरा
आज हिंदोस्तान में जिस गंगा-जमुनी तहजीब की रवायत है और पूरा आलम इसकी इस रवायत पर रश्क करता है, उसकी बुनियाद आज से सदियों पूर्व महान शायर-सूफी हजरत अमीर खुसरो ने डाली थी. राष्ट्र की कौमी एकता का राज उन्हीं के बुनियादी वसूलों पर पडा है जो दुनिया के किसी भी...
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kavi sammelan
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[26 Feb 2010 23:09 PM]



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