अलमस्त शायर फ़िराक़ गोरखपुरी
आज यानी 3 मार्च को अपने ही ढंग के अलमस्त शायर फिराक़ गोरखपुरी की पुण्यतिथि है। फिराक़ साहब को याद करते ही मैं लौट जाती हूँ अपने बचपन के दिनों में।चूँकि मेरे पिताजी फिराक़ साहब के स्टूडेंट रहे है तो वे काफी करीबी से उनसे वाकिफ़ रहे है। फिराक़ की शायरी का...
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[03 Mar 2010 08:37 AM]



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