याद

कविताओं के मन से कल अचानक ही एक याद ने रास्ता रोक लिया ;कहने लगी ...मुझे भूल गए ? कैसे ? मैं तो तुम्हारी सबसे बड़ी निधि हूँ मेरे दोस्त !!!मैंने देखा तो उस याद पर वक़्त की धुल और दुनिया के जाले , दोनों ने अपनी शिकस्त जमाई हुई थी ;मैंने अपने आंसुओ से उस याद को साफ़ किया तो... [पूरी पोस्ट]
writer Vijay Kumar Sappatti
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[26 Feb 2010 03:41 AM]

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