उत्तर भड़ किंवाड़ - 2
भाग एक का शेष ..........." नहीं बेटा ! तुम्हारे पिता ने तो मेरी माता को वचन दिया था परन्तु इस धरती से तुम्हारा जन्म हुआ है और तुम्हारा जन्म ही उसकी आन रखने का वचन है | इस नीलाकाश के नीचे तुम बड़े हुए हो और तुम्हारा बड़ा होना ही इस गगन से स्वतंत्र्य और...
[पूरी पोस्ट]
Ratan Singh Shekhawat
स्व.श्री तनसिंहजी की कलम से
8
0
0
0
0
[06 Mar 2010 05:03 AM]



Shuffle








