गज़ल

Veer Bahuti इस गज़ल को भी प्राण भाई साहिब ने संवारा है।उनके आशीर्वाद के लिये धन्यवादी हूँ। इसे होली के दिन पोस्ट नही कर सकी। सोचा होली का महौल कुछ दिन और चलता रहे तो अच्छा है।गज़ल आज होली के बहाने से बुलाया था मुझेगाल छू मेरा गुलाबी सा बनाया था मुझेभाभियाँ क्या... [पूरी पोस्ट]
writer निर्मला कपिला

ग़ज़ल

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[03 Mar 2010 21:30 PM]

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