शिव का स्थान है - शिवखोडी

मुसाफिर हूँ यारों एक बार की बात है। एक असुर था- भस्मासुर। उसने शिवजी से वरदान ले लिया था कि वो जिसके सिर पर भी हाथ रखेगा, भस्म हो जायेगा। इसका पहला प्रयोग उसने शिवजी पर ही करना चाहा। शिवजी की जब जान पर बन आयी तो शिवजी जान बचाकर दौडे। लेकिन भस्मासुर भी कोई लंगडा नही था,... [पूरी पोस्ट]
writer नीरज मुसाफिर जाट

जम्मू कश्मीर

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[14 Feb 2010 21:30 PM]

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