चरित्र की कालिख-होली पर हिन्दी लघुकथा तथा हंसिकायें (chartra par kalikh-hindi short story and comic poem on happy holi)

दीपक भारतदीप की शब्द प्रकाश-पत्रिका वह दो नंबर की कमाई के कारण बदनाम हो गये थे। तमाम तरह की जांचें चल रही थी। अखबार में बहुत सारी बातें अक्सर उनके बारे में छपती रहती हैं। इस बार होली पर लोग उनके घर पर पहुुंचे। लोगों का क्या है? वह तो जिसके पास भी दौलत होती है उसके बारे में यही कहते हैं कि... [पूरी पोस्ट]
writer दीपक भारतदीप

शायरी

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[01 Mar 2010 05:52 AM]

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