फाग गीत -- मोहे नीको न लागे नैहरवा.....
अब फागुन पूरे उफान पर है .हम लोंगों का क्षेत्र,या यूँ कहिये पूरा पूर्वांचल इस मामले में बहुत समृद्ध था.पूरे फागुन माह भर- गांव-गांव ,घर-घर ,ढोल की थाप सुनाई पडती रहती थी . फागुन भर फगुआ लोंगों की जुबान पर रहताथा,ऐसा लगता था कि लोग-बाग़ पगला गये...
[पूरी पोस्ट]
डॉ. मनोज मिश्र
2
0
0
0
0
[24 Feb 2010 10:31 AM]



Shuffle








