गर आप हमारे हो जाते

जोशी कविराय  - Joshi Kavirai 'गर आप हमारे हो जाते ।तो लाख सहारे हो जाते ।अँधियारे में रहने वालेजगमग घर-द्वारे हो जाते ।उत्तर तुम दे देते तोहम एक किनारे हो जाते ।खींचातानी मिट जातीसब वारे-न्यारे हो जाते ।अनदेखे रहने वाले हमआँखों के तारे हो जाते ।८-१२-२००९पोस्ट पसंद आई तो मित्र बनिए... [पूरी पोस्ट]
writer joshi kavirai

book - begane mausam

views
2
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[23 Feb 2010 00:50 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix