शिवी और शहंशाह

सरजूपार की मोनालीसा एक शहंशाह ने बनवा के हसीं ताजमहलखूब सुनी थीं ये लाइनेंबीते साल की आखिरी तारीख यानी 31 दिसंबर को हम आगरा में थे...शिवी* ने ताजमहल देखाऔर कुछ तो वो याद कर सकती नहींकिसने बनवाया, क्यूं बनवायाकिसके लिए बनवायाये सब वो जानकर करेगी भी क्या...हां पर, ताज का... [पूरी पोस्ट]
writer शिवेंद्र
views
7
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[15 Feb 2010 10:42 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix