वेदांत दर्शन-ब्रह्म ज्ञान से पुरुषार्थ की सिद्धि (vedant darshan-brahmagyan aur purusharth)
पुरुषार्थोऽतश्शब्दादिति बादरायणः।। हिन्दी में भावार्थ-पुरुषार्थ की सिद्धि ब्रह्मज्ञान से होती है क्योंकि शब्द से ही यह सिद्ध होता है कि इसे बादरायण कहते हैं। आचारदर्शनात्। हिन्दी में भावार्थ-श्रेष्ठ पुरुषों का आचरण देखने से सिद्ध होता है कि ब्रह्म विद्या...
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दीपक भारतदीप
हिन्दू-धर्म
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[12 Feb 2010 00:19 AM]



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