भर्तृहरि नीति शतक-ज्ञानी रत्न का अपमान करने वाला निंदा योग्य

शब्दयोग सारथी-पत्रिका शास्त्रोपस्कृतशब्द सुंदरगिरः शिष्यप्रदेयाऽऽगमा विख्याताः कवयो वसन्ति विषये यस्य प्रभर्निर्धनाः।तज्जाड्यं वसुधाधिपस्य कवयस्त्वर्थ विनाऽपीश्वराः कुत्स्या स्युः कुपरीक्षका हि मणयो यैरर्घतः पातिताः।।हिन्दी में भावार्थ- ग्रंथों का अध्ययन से उसमें वर्णित... [पूरी पोस्ट]
writer दीपक भारतदीप

हिन्दू-धर्म

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[24 Feb 2010 22:54 PM]

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