रंगों के संग प्रीत
जब दिल और दिमाग के खूबसूरत संयोजन रंगों से बतियाते हैं तो एक ऐसे संसार का सृजन होता जहां चित्र महज़ मनोरंजन का नाम नहीं होता कुछ सोच-विचार की भी मांग करता है.ऐसी दुनिया रचती हैं सूरत की प्रीती मेहता.मैं और कुछ न कहूँगा.एक चित्र ही हज़ारों शब्द कहता है..आप...
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शहरोज़
कविता
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[23 Feb 2010 06:15 AM]



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