पंक्तियां, जिन्होंने हिंदी साहित्य के बारे में मेरी दृष्टि बदल दी
,उस रोज ऑफिस में कुछ ज्यादा काम नहीं था. फुर्सत के क्षणों में मैं अक्सर नेट की शरण में जाता हूं. उस दिन भी नेट की शरण में गया. हिंदी विकिपीडिया पर कुछ खोजने लगा. अचानक मेरी नजर इन पंक्तियों पर पड़ गई. नरेन्द्र कोहली का पदार्पण साहित्य में उस समय हुआ जब...
[पूरी पोस्ट]
Satyajeetprakash
1
0
0
0
0
[03 Mar 2010 13:27 PM]



Shuffle







