कुम्भ अर्थात कलश
मानव ने अपने प्रयोग के लिए भांति-भांति के पात्र बनाए, विशाल कड़ाह से छोटे से चम्मच तक सैकड़ों प्रकार के पात्र, परन्तु सृष्टि के आदि से आज तक जो सबसे सुन्दरतम, सहज व सरल पात्र बना है, वह है कलश। एक ऐसा पात्र जिस पर ऋषियों का भी हृदय आ जाता है। कमंडल हो या...
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ज्ञानेश उपाध्याय (gyanesh upadhyay)
कुम्भ
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[07 Mar 2010 05:14 AM]



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