जब याद तुम्हारी आती है

Kuchh kahi kuchh unkahi जब याद तुम्हारी आती है,तब हम माजी में खो जाते हैं ,आँखें बंद करके हम फिर , तेरे तसव्वुर से लग सो जाते हैं।जग जाते हैं तेरी आहट से, तेरी खुशबु से तर हो जाते हैं,तुम सांस जो लेते हो पास मेरे, हम उस पल को जी जाते हैं।तुम चलते हो तो चलती रहती है धड़कन मेरे... [पूरी पोस्ट]
writer Nihar Khan
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[02 Mar 2010 09:11 AM]

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