मुझको मेरी तन्हाईयाँ अक्सर बुलाती हैं
मुझको मेरी तन्हाईयाँ अक्सर बुलाती हैं,और फिर मुझे तेरी यादों से नहलाती हैं।वो जो खुशबु का झोंका गुज़रा मेरे पास से ,तेरी जुल्फों की कैद से छूटी हवा कहलाती हैं।आँखें खुली रहती हैं तो दिखता नहीं कुछ भी ,बंद आँखें ही तो मुझे सबकुछ अब दिखलाती हैं।चीड़ों की...
[पूरी पोस्ट]
Nihar Khan
2
0
0
0
0
[05 Mar 2010 01:32 AM]



Shuffle







