मुबारक हो तुमको शादी की २२वीं सालगिरह

Kuchh kahi kuchh unkahi आज विवाह की २२वीं सालगिरह पर यह कविता है तुम्हें समर्पित,जिसने अपना यह जीवन मुझको कर दिया है पूर्ण रूप से अर्पित, मेरी हर सुख सुविधा का ख्याल रक्खा,कष्ट हरा सब मेरा जिसने,जिसके बिन मेरे जीवन का हर पल लगता ऐसे बीते जैसे हो... [पूरी पोस्ट]
writer Nihar Khan
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[06 Mar 2010 04:33 AM]

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