जिसकी खटिया के नीचे आग लगाई वही ऊठकर भाग गया : संतू गधा
आजकल के माहोल से त्रस्त होकर हमने एक पोस्ट "मेहरबां फ़रमाईये किस पर लिखूं?" लिखी थी. क्योंकि सच मे समझ नही आता कि क्या लिखें और क्या ना लिखें. लोगबाग चीरफ़ाड करने को उधार ही रहते हैं. असल मे वस्तु या कथ्य तो एक ही होता है परंतु हर आदमी उसका अवलोकन अपने...
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ताऊ रामपुरिया
hasy-vyang
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[22 Feb 2010 18:14 PM]



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