बहुत याद आये !!!
मादक मंद समीर बसंती,छूकर तन, मन को सिहराए,इस मोहक बेला में साथी, आये, बहुत याद तुम आये !!!नींद पखेरू,पलकों को तज,स्मृति गगन में चित भटकाए,इस नीरव बेला में साथी,आये, बहुत याद तुम आये !!!पूनम का चंदा ये चकमक,छवि बन तेरा, नेह लुटाये, इस मादक बेला में साथी,...
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रंजना
गीत.बसंत ऋतु.
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[22 Feb 2010 10:26 AM]



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