जैसे हमारे बरम बाबा, हरसूबाबा, डीह बाबा हैं , वैसे ही अंगरेज लोगन के बलटिहान बाबा ।कालेज के छोकरा-छोकरान तक उन्हें मानते हैं।

सफ़ेद घर      आज सदरू भगत वैलेंटाईन डे मना रहे हैं। एक नई नीली रंग की पट्टेदार चढ्ढी, उस पर सेन्चुरी मिल वाली परमसुख छाप धोती, सफेद रंग का कुर्ता, एक नया अँगोछा कंधे पर रख यूँ चले, मानों समधियाने जा रहे हैं। धोती में नील इतना ज्यादा लगवा लिये... [पूरी पोस्ट]
writer सतीश पंचम

गाँव

views
10
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[13 Feb 2010 21:11 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix