संस्‍कार की थैली

परदेश मेरी मां ने दी मुझे संस्‍कार की एक थैली जिसे मेरी नानी ने दी थी मेरी मां को उसमें बहुत सारी थीं रूढियां-परंपराएं जिसके तहत चलने को कहा मुझे मैं संस्‍कारी, मां की अनुयायी निभाती रही ये परंपराएंमानती रही ये रूढियां कई लोग रोके गए मेरे चौखट से कई लोगों ने... [पूरी पोस्ट]
writer Bijen Salam
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[03 Mar 2010 02:25 AM]

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